
BPSC TRE 4.0 सिलेबस 2026: भागवार टॉपिक, विषय सूची और सेक्शन नियम
BPSC TRE 4.0 सिलेबस 2026: चारों स्तरों के भागवार टॉपिक और विषय विकल्प
Advt 15/2026 का पाठ्यक्रम बिंदु 4(i) में है और ज़्यादातर अभ्यर्थियों की उम्मीद से छोटा है। मुश्किल लंबाई नहीं, स्तर है: विषयवस्तु SCERT और NCERT से जुड़ी है, पर कठिनाई का स्तर पद के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हता के आलोक में रहेगा। यानी वर्ग 11-12 का रसायन पत्र विषयवस्तु में NCERT आधारित और स्तर में स्नातकोत्तर होगा।
नीचे हर भाग की पूरी टॉपिक सूची है, हर स्तर पर उपलब्ध विषय विकल्प हैं, और सामाजिक विज्ञान का वह सेक्शन नियम है जिसमें हर चक्र में लोग उलझते हैं।
भाग-I: भाषा, 30 प्रश्न
भाग-I में अंग्रेज़ी के साथ हिंदी, उर्दू या बांग्ला में से एक भाषा का व्यावहारिक ज्ञान परखा जाएगा। इस भाग में न्यूनतम 30% अंक अनिवार्य हैं। ये अंक सिर्फ़ अर्हता के लिए हैं, मेधा सूची में कभी नहीं जुड़ते।
चयन का एक नियम याद रखिए: एक बार भाषा विषय चुन लेने के बाद वही चयन आपके सभी वर्गों के लिए मान्य रहेगा। स्तर बदलकर भाषा बदलने का विकल्प नहीं है।
भाग-II: सामान्य अध्ययन, स्तर के अनुसार
दो अंतर पर निशान लगा लीजिए। वर्ग 1-5 में दो अतिरिक्त क्षेत्र हैं जो बाक़ी स्तरों पर नहीं हैं: मानसिक क्षमता परीक्षण और सामाजिक विज्ञान, साथ में भूगोल के साथ पर्यावरण भी। और सामान्य अध्ययन पत्र ख़ास तौर पर SCERT से जुड़ा है।
वर्ग 9-10 का स्रोत माध्यमिक विद्यालय का पाठ्यक्रम है और वर्ग 11-12 का उच्च माध्यमिक। टॉपिक के नाम वही, गहराई अलग।
भाग-III: विषय विकल्प, 80 प्रश्न
वर्ग 1-5 में भाग-III है ही नहीं। बाक़ी तीन स्तरों पर आपको ठीक एक विषय चुनना है, और वही चुन सकते हैं जिसमें आपने TET उत्तीर्ण किया है।
वर्ग 6-8 के विषय विकल्प
वर्ग 9-10 के विषय विकल्प
यहाँ पंद्रह विकल्प हैं, और यही सूची वर्ग 9-10 के विशेष विद्यालय अध्यापक पदों पर भी लागू होती है: हिंदी, उर्दू, संस्कृत, अंग्रेज़ी, विज्ञान, गणित, शारीरिक शिक्षा, संगीत, सामाजिक विज्ञान, बांग्ला, ललितकला, नृत्य, मैथिली, अरबी और फ़ारसी।
वर्ग 11-12 के विषय विकल्प
सबसे चौड़ी सूची, तीस विकल्प: हिंदी, अंग्रेज़ी, संस्कृत, उर्दू, गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, इतिहास, राजनीति शास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र, मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, संगीत, दर्शन शास्त्र, कंप्यूटर साइंस, व्यावसायिक अध्ययन, उद्यमशीलता, लेखा, बांग्ला, भोजपुरी, मगही, मैथिली, पाली, प्राकृत, अरबी और फ़ारसी।
इनमें से कुछ पर एक ज़रूरी बात। विभागीय पत्रांक 905, दिनांक 15.08.2026 के आलोक में वर्ग 9-10 के लिए बांग्ला, ललितकला, नृत्य, मैथिली, विशेष विद्यालय अध्यापक, अरबी और फ़ारसी तथा वर्ग 11-12 के लिए बांग्ला, भोजपुरी, मगही, मैथिली, पाली, प्राकृत, अरबी और फ़ारसी की रिक्तियों की सूचना सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से पूरक अधियाचना प्राप्त होने के बाद दी जाएगी। विषय पाठ्यक्रम में है, रिक्ति की संख्या आना बाक़ी है।
आपका विषय आपके TET विषय से बँधा है
विज्ञापन इस पर साफ़ है। अभ्यर्थी सिर्फ़ उसी एक विषय का चयन कर सकता है जिसमें उसने TET उत्तीर्ण किया है। दो विषयों में TET निकाला है? तब भी चुनाव एक ही होगा, अपनी इच्छा से, और वही चुनाव उस एक आवेदन में जाएगा जो आप जमा करेंगे।
वर्ग 11-12 के वाणिज्य संकाय में एक बारीक नियम और है। वाणिज्य में TET उत्तीर्ण अभ्यर्थी उद्यमिता, लेखाशास्त्र या Business Study में से किसी एक में आवेदन कर सकता है। पर जिसने इन तीन में से किसी एक विषय में ही TET उत्तीर्ण किया है, वह उसी विषय में आवेदन कर सकेगा।
सामाजिक विज्ञान का सेक्शन नियम
यह नियम वर्ग 6-8 और वर्ग 9-10 दोनों के सामाजिक विज्ञान पत्र पर लागू है, और यही तय करता है कि आप पढ़ेंगे क्या।
- सेक्शन-I में इतिहास चुना, तो सेक्शन-II में भूगोल, अर्थशास्त्र या राजनीति शास्त्र में से कोई एक चुनना होगा।
- सेक्शन-I में भूगोल चुना, तो सेक्शन-II में अर्थशास्त्र या राजनीति शास्त्र में से कोई एक चुनना होगा।
यानी सामाजिक विज्ञान वाला अभ्यर्थी कभी एक विषय नहीं पढ़ रहा होता। आप एक जोड़ी पढ़ रहे हैं, और वह जोड़ी इस बात से बँधी है कि पहले क्या चुना। नोट्स बनाना शुरू करने से पहले जोड़ी तय कर लीजिए, बाद में नहीं।
पाठ्यक्रम का स्तर: वह लाइन जिसे लोग ग़लत पढ़ते हैं
विज्ञापन कहता है कि सभी विषय पत्रों का पाठ्यक्रम SCERT/NCERT से संबंधित होगा, पर स्तर अभ्यर्थी के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हता के आलोक में होगा।
सीधे शब्दों में: वर्ग 11-12 के पद की न्यूनतम अर्हता है निर्दिष्ट विषय में स्नातकोत्तर तथा B.Ed। यानी NCERT की कक्षा 11 और 12 की पुस्तकें आपको विषयवस्तु का नक़्शा देंगी, और आपकी स्नातकोत्तर समझ वह गहराई देगी जिस पर प्रश्न बनेंगे। सिर्फ़ NCERT पढ़कर रुक जाना, उच्च माध्यमिक स्तर की सबसे आम तैयारी वाली ग़लती है।
वर्ग 9-10 के लिए न्यूनतम अर्हता निर्दिष्ट विषय में स्नातक तथा B.Ed है, तो वही तर्क एक क़दम नीचे लागू होता है। वर्ग 1-5 की न्यूनतम अर्हता उच्चतर माध्यमिक तथा प्रशिक्षण डिप्लोमा है, इसीलिए वहाँ सामान्य अध्ययन विद्यालय स्तर पर ही रहता है, पर क्षेत्र ज़्यादा ढँकता है।
150 अंक आपकी पढ़ाई में कैसे बँटें
इसे समय बँटवारे की तरह पढ़िए। अगर आप वर्ग 6-8 या उससे ऊपर हैं, तो आपके विषय को लगभग दो-तिहाई घंटे चाहिए, सामान्य अध्ययन को एक-तिहाई, और भाषा को इतना कि 30 में से 9 आराम से निकल जाएँ। दो अभ्यर्थियों के कुल अंक बराबर होने पर पहला टाई-ब्रेकर भी विषय पत्र ही है।
क्या कहाँ से पढ़ें
- सामान्य अध्ययन: पहले बिहार SCERT की पुस्तकें, फिर उन्हीं अध्यायों के लिए NCERT। विज्ञापन इस पत्र को SCERT से जोड़ता है।
- भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: हर स्तर पर मौजूद क्षेत्र, और राज्य की भर्ती परीक्षाओं में बिहार से जुड़े प्रसंग यहाँ अक्सर आते हैं।
- प्रारंभिक गणित और मानसिक क्षमता: मानसिक क्षमता नाम से सिर्फ़ वर्ग 1-5 में है, पर प्रारंभिक गणित चारों स्तरों पर है।
- विषय पत्र: विषयवस्तु के नक़्शे के लिए संबंधित कक्षाओं की NCERT, गहराई के लिए अपने स्नातक या स्नातकोत्तर के नोट्स।
पाठ्यक्रम को लेकर एक सीधी बात। विज्ञापन में टॉपिक के शीर्षक हैं, अध्याय स्तर का विवरण नहीं। जो भी आपको हर शीर्षक के नीचे उप-विषयों वाली "100% ऑफिशियल डिटेल्ड सिलेबस PDF" बेच रहा है, उसने वह विस्तार ख़ुद किया है। ऐसी सूची पढ़ाई में मदद के लिए इस्तेमाल कीजिए, प्रामाणिक स्रोत मानकर नहीं।
रिवीज़न की योजना बनाते समय मार्किंग याद रखिए
हर ग़लत उत्तर पर 1/3 अंक कटेगा, और विकल्प E भरे बिना छोड़े गए प्रश्न पर भी। इससे "सिलेबस पूरा करना" का मतलब बदल जाता है। आधा-अधूरा आने वाला टॉपिक अब नुक़सान है, क्योंकि आधे ज्ञान से आत्मविश्वास वाले ग़लत उत्तर बनते हैं।
इससे "सुरक्षित स्कोर" की परिभाषा भी बदलती है। न्यूनतम अर्हतांक सामान्य 40%, BC 36.5%, EBC 34% और SC, ST, महिला तथा दिव्यांग 32% है, और कई वेबसाइट अब भी EBC के आगे ग़लती से 36.5% छाप रही हैं।
सिलेबस का 80 प्रतिशत उस स्तर तक पढ़ना बेहतर है जहाँ आप सही और उससे मिलते-जुलते विकल्प में फ़र्क़ कर सकें, बजाय 100 प्रतिशत सरसरी पढ़कर पूरे पेपर में अनुमान लगाने के। मार्किंग के पूरे नियम हमारे TRE 4.0 परीक्षा पैटर्न गाइड में हैं।
सामान्य प्रश्न
BPSC TRE 4.0 का सिलेबस क्या है?
भाग-I भाषा, 30 प्रश्न। भाग-II सामान्य अध्ययन, वर्ग 1-5 में 120 और बाक़ी स्तरों पर 40 प्रश्न। भाग-III आपका चुना हुआ विषय, 80 प्रश्न, वर्ग 6-8, 9-10 और 11-12 के लिए। सभी विषय पत्र SCERT और NCERT से संबंधित हैं।
क्या TRE 4.0 का सिलेबस NCERT आधारित है?
विषयवस्तु में हाँ, पर स्तर पद के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हता से तय होगा। सामान्य अध्ययन पत्र ख़ास तौर पर SCERT से जुड़ा है।
भाग-III में कितने विषय चुन सकते हैं?
ठीक एक, और वही जिसमें आपने TET उत्तीर्ण किया है। एक से अधिक विषय में TET उत्तीर्ण होने पर भी चुनाव एक ही होगा।
सामाजिक विज्ञान का सेक्शन नियम क्या है?
सेक्शन-I में इतिहास चुना तो सेक्शन-II में भूगोल, अर्थशास्त्र या राजनीति शास्त्र में से एक। सेक्शन-I में भूगोल चुना तो सेक्शन-II में अर्थशास्त्र या राजनीति शास्त्र में से एक। यह वर्ग 6-8 और वर्ग 9-10 दोनों पर लागू है।
क्या वर्ग 1-5 के पेपर में विषय वाला भाग है?
नहीं। वर्ग 1-5 में 30 भाषा प्रश्न और 120 सामान्य अध्ययन प्रश्न हैं। मेधा केवल सामान्य अध्ययन वाले भाग से बनती है।
किन विषयों की रिक्ति संख्या अभी नहीं आई है?
वर्ग 9-10 में बांग्ला, ललितकला, नृत्य, मैथिली, विशेष विद्यालय अध्यापक, अरबी और फ़ारसी, तथा वर्ग 11-12 में बांग्ला, भोजपुरी, मगही, मैथिली, पाली, प्राकृत, अरबी और फ़ारसी। इनकी रिक्तियाँ पूरक अधियाचना से आएँगी।
शुरुआत उसी भाग से जिसमें सबसे ज़्यादा अंक हैं
अपने विषय का सिलेबस लीजिए, उसे दो हिस्सों में बाँटिए, जिन अध्यायों के प्रश्न आप अभी आत्मविश्वास से कर सकते हैं और जिनके नहीं। फिर देखिए कि बोर्ड और राज्य शिक्षक परीक्षाओं में किस हिस्से से कितने अंक आते रहे हैं। ज़्यादातर अभ्यर्थियों को यही मिलता है कि चार-पाँच अध्याय पूरे विषय पत्र का एक-तिहाई ढँक लेते हैं।
पहला महीना उन्हीं पर बनाइए, सामान्य अध्ययन को वीकेंड के बड़े ब्लॉक की जगह रोज़ के छोटे सत्र दीजिए, और भाषा को पंद्रह दिन में एक बार जाँच लीजिए। इसी बँटवारे पर बनी हफ़्तेवार योजना हमारे TRE 4.0 तैयारी रणनीति ब्लॉग में है, और रिक्तियों तथा तिथियों की पूरी तस्वीर मुख्य TRE 4.0 गाइड में।