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अम्ल, क्षारक एवं लवण

By ExamAtlas · 29/8/2026

अम्ल, क्षारक एवं लवण

इस भाग से प्रश्न लगभग निश्चित रूप से आता है और वह प्रायः तीन में से एक होता है — कौन-सा सूचक किस रंग में बदलता है, किस खाद्य पदार्थ में कौन-सा अम्ल है, या उदासीनीकरण का कोई रोज़मर्रा का उदाहरण। तीनों तालिका के रूप में याद कीजिए।

गुण और सूचक

गुणअम्लक्षारक
स्वादखट्टाकड़वा
स्पर्श—साबुन जैसा चिकना
लाल लिटमसकोई बदलाव नहींनीला हो जाता है
नीला लिटमसलाल हो जाता हैकोई बदलाव नहीं
हल्दीकोई बदलाव नहींलाल हो जाती है
फ़ीनॉल्फ़्थेलिनरंगहीनगुलाबी

याद रखने का सरल तरीका — अम्ल नीले को लाल करता है और क्षारक लाल को नीला। हल्दी क्षारक से लाल होती है, इसीलिए साबुन लगते ही सफ़ेद कपड़े पर हल्दी का दाग लाल हो जाता है और यह प्रयोग परीक्षा में पूछा जाता है।

जो पदार्थ न अम्लीय हों न क्षारीय, वे उदासीन कहलाते हैं, जैसे आसुत जल और साधारण नमक का घोल।

रोज़मर्रा के अम्ल और क्षारक

स्रोतअम्ल
नींबू, संतरासिट्रिक अम्ल
दही, खट्टा दूधलैक्टिक अम्ल
सिरकाएसीटिक अम्ल
इमलीटार्टरिक अम्ल
चींटी और बिच्छू का डंकफ़ॉर्मिक अम्ल
आमाशयहाइड्रोक्लोरिक अम्ल

प्रमुख क्षारक हैं — चूने का पानी, खाने का सोडा, धोने का सोडा, साबुन और मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया। इनमें से अंतिम दो पेट की अम्लता में काम आते हैं।

पीएच मान

पीएच स्केल शून्य से चौदह तक होता है। सात से कम अम्लीय, सात उदासीन और सात से अधिक क्षारीय होता है। शुद्ध जल का पीएच सात है और मानव रक्त का लगभग साढ़े सात।

मिट्टी का पीएच खेती के लिए महत्वपूर्ण है। मिट्टी अधिक अम्लीय हो तो चूना मिलाया जाता है और अधिक क्षारीय हो तो जैविक खाद डाली जाती है। अम्लीय वर्षा का पीएच सामान्य वर्षा से कम होता है और वह भवनों तथा फसलों को नुकसान पहुँचाती है।

✗ पीएच जितना अधिक होगा, पदार्थ उतना ही अधिक अम्लीय होगा  |  ✓ इसका उल्टा सही है — पीएच जितना कम, अम्लीयता उतनी अधिक

रोज़मर्रा में उदासीनीकरण

अम्ल और क्षारक मिलकर लवण और जल बनाते हैं, इसी को उदासीनीकरण कहते हैं। यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।

अम्ल + क्षारक → लवण + जल

  • अपच में पेट का अतिरिक्त अम्ल कम करने के लिए मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया लिया जाता है।
  • चींटी के डंक पर खाने का सोडा या कैलेमाइन लगाया जाता है।
  • मधुमक्खी के डंक पर भी खाने का सोडा लगता है, जबकि बिच्छू के डंक में चिकित्सा आवश्यक है।
  • कारखानों का अम्लीय अपशिष्ट चूना डालकर उदासीन किया जाता है।

इस पूरे भाग में एक ही सूत्र काम करता है — जहाँ अम्ल की अधिकता है वहाँ क्षारक लगेगा और जहाँ क्षारक की अधिकता है वहाँ अम्ल। डंक हो, पेट हो या मिट्टी, तर्क वही रहता है।

TRE संकेत: हल्दी क्षारक से लाल होती है और चींटी के डंक में फ़ॉर्मिक अम्ल — दोनों लगभग तय प्रश्न हैं। पीएच सात उदासीन वाली संख्या सीधे पूछी जाती है और अम्ल नीले लिटमस को लाल करता है, यह उलटकर पूछा जाता है।

60 सेकंड का रिवीजन

  • अम्ल नीले लिटमस को लाल और क्षारक लाल लिटमस को नीला कर देता है।
  • हल्दी क्षारक के संपर्क में लाल हो जाती है।
  • नींबू में सिट्रिक, दही में लैक्टिक और सिरके में एसीटिक अम्ल होता है।
  • चींटी के डंक में फ़ॉर्मिक अम्ल होता है।
  • पीएच सात उदासीन, उससे कम अम्लीय और अधिक क्षारीय होता है।
  • अम्ल और क्षारक मिलकर लवण तथा जल बनाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपच में मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया क्यों दिया जाता है?

आमाशय में भोजन पचाने के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बनता है। कभी-कभी यह ज़रूरत से अधिक बन जाता है और जलन होने लगती है। मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया एक हल्का क्षारक है, इसलिए वह इस अतिरिक्त अम्ल को उदासीन कर देता है और जलन शांत हो जाती है।

साबुन लगाने पर हल्दी का दाग लाल क्यों हो जाता है?

हल्दी एक प्राकृतिक सूचक है जो क्षारक के संपर्क में आते ही लाल हो जाती है। साबुन क्षारीय होता है, इसलिए दाग पर साबुन लगते ही रंग बदल जाता है। पानी से धोने पर साबुन हट जाता है और दाग फिर पीला दिखने लगता है।

अम्लीय वर्षा क्यों हानिकारक है?

कारखानों और वाहनों से निकली सल्फ़र तथा नाइट्रोजन की ऑक्साइड गैसें वायुमंडल की नमी से मिलकर अम्ल बना देती हैं, जो वर्षा के साथ गिरता है। इससे मिट्टी अम्लीय हो जाती है, फसल और जलीय जीवन को नुकसान पहुँचता है और संगमरमर के भवनों का क्षरण होने लगता है।

मिट्टी का पीएच ठीक करने के लिए क्या किया जाता है?

यदि मिट्टी बहुत अम्लीय हो तो उसमें बिना बुझा चूना या चूने का चूर्ण मिलाया जाता है, जो क्षारक का काम करके अम्लता घटा देता है। यदि मिट्टी बहुत क्षारीय हो तो उसमें सड़ी हुई जैविक खाद मिलाई जाती है। दोनों ही स्थितियाँ फसल की उपज पर सीधा असर डालती हैं।

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