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विकास, गरीबी एवं मानव विकास

By ExamAtlas · 29/8/2026

विकास, गरीबी एवं मानव विकास

इस अध्याय से प्रश्न प्रायः दो बिंदुओं पर आते हैं — वृद्धि और विकास का अंतर, और मानव विकास सूचकांक किन तीन आयामों से बनता है। दोनों समझने के प्रश्न हैं, इसलिए यहाँ रटने से अधिक तर्क काम आता है।

वृद्धि और विकास

बिंदुआर्थिक वृद्धिआर्थिक विकास
अर्थउत्पादन और आय का बढ़नाजीवन की गुणवत्ता का सुधरना
मापसकल घरेलू उत्पादशिक्षा, स्वास्थ्य, समानता सहित अनेक सूचक
दायराकेवल मात्रामात्रा और गुण दोनों
संबंधविकास के लिए आवश्यकपर वृद्धि से अपने आप नहीं आता

सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि वृद्धि से विकास अपने आप नहीं आ जाता। यदि बढ़ी हुई आय कुछ ही हाथों में सिमट जाए और शिक्षा तथा स्वास्थ्य न सुधरे, तो आँकड़ों में वृद्धि दिखेगी पर जीवन नहीं बदलेगा। यह कथन परीक्षा में सीधे पूछा जाता है।

इसीलिए प्रति व्यक्ति आय अकेले पर्याप्त सूचक नहीं मानी जाती। वह औसत है और औसत यह नहीं बताता कि आय बँटी कैसे है।

✗ जिस देश की प्रति व्यक्ति आय अधिक है वहाँ विकास भी अधिक होगा  |  ✓ प्रति व्यक्ति आय एक औसत है; वह वितरण, शिक्षा और स्वास्थ्य के बारे में कुछ नहीं बताती

मानव विकास सूचकांक

मानव विकास सूचकांक संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम हर वर्ष जारी करता है और उसकी अवधारणा में अमर्त्य सेन और महबूब उल हक़ का बड़ा योगदान माना जाता है।

आयामसूचक
स्वास्थ्यजन्म के समय संभावित जीवन काल
शिक्षाविद्यालय में बिताए गए वर्ष
जीवन स्तरप्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय

इस सूचकांक का महत्व यह है कि उसने विकास की माप को केवल आय से हटाकर जीवन के दूसरे पक्षों तक फैलाया। इसीलिए कोई देश ऊँची आय के बावजूद इस सूचकांक में पीछे रह सकता है।

गरीबी

गरीबी को केवल आय से नहीं मापा जाता। निरपेक्ष गरीबी में एक न्यूनतम रेखा तय होती है और उससे नीचे के लोग गरीब माने जाते हैं, जबकि सापेक्ष गरीबी में समाज के दूसरे लोगों से तुलना की जाती है।

  • गरीबी के कारण — बेरोज़गारी, कम उत्पादकता, जनसंख्या दबाव और असमान वितरण।
  • उसके परिणाम — कुपोषण, शिक्षा से वंचित होना और स्वास्थ्य पर असर।
  • उपाय — रोज़गार गारंटी, शिक्षा, कौशल विकास और सार्वजनिक वितरण प्रणाली।

शिक्षा को गरीबी घटाने का सबसे टिकाऊ उपाय माना जाता है, क्योंकि वह अवसर बढ़ाती है और उसका असर अगली पीढ़ी तक जाता है। यही कारण है कि शिक्षक की भूमिका को आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

बिहार के संदर्भ में गरीबी का सीधा संबंध भूमि पर दबाव, कम औद्योगिक अवसर और बार-बार आने वाली बाढ़ से है, और यही प्रवास का भी बड़ा कारण बनता है।

विकास से जुड़े प्रश्न में सबसे पहले यह देखिए कि बात मात्रा की हो रही है या गुण की। आँकड़े बढ़ने की बात वृद्धि है, और जीवन बेहतर होने की बात विकास।

TRE संकेत: वृद्धि और विकास का अंतर सबसे अधिक पूछा जाता है। मानव विकास सूचकांक के तीन आयाम भी तयशुदा हैं। अमर्त्य सेन का योगदान और शिक्षा गरीबी घटाने का टिकाऊ उपाय भी सीधे आए हैं।

60 सेकंड का रिवीजन

  • आर्थिक वृद्धि उत्पादन और आय के बढ़ने को कहते हैं।
  • आर्थिक विकास जीवन की गुणवत्ता के सुधरने को।
  • वृद्धि से विकास अपने आप नहीं आता।
  • प्रति व्यक्ति आय एक औसत है और वितरण नहीं बताती।
  • मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर से बनता है।
  • उसे संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम हर वर्ष जारी करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वृद्धि और विकास में क्या अंतर है?

वृद्धि केवल मात्रा की बात है — देश का उत्पादन और आय कितनी बढ़ी। विकास गुण की बात है — लोगों का जीवन कितना बेहतर हुआ, उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य कितना मिला, और अवसर कितने समान हुए। वृद्धि विकास के लिए ज़रूरी है, पर उससे विकास अपने आप नहीं आ जाता।

प्रति व्यक्ति आय अकेले पर्याप्त सूचक क्यों नहीं है?

क्योंकि वह एक औसत है और औसत यह नहीं बताता कि आय किस तरह बँटी है। यदि कुछ लोगों के पास बहुत अधिक आय हो और बाकी के पास बहुत कम, तो भी औसत ऊँचा दिख सकता है। साथ ही वह शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन प्रत्याशा के बारे में कुछ नहीं बताती।

मानव विकास सूचकांक किन आयामों से बनता है?

तीन आयामों से। स्वास्थ्य, जिसे जन्म के समय संभावित जीवन काल से मापा जाता है। शिक्षा, जिसे विद्यालय में बिताए गए वर्षों से। और जीवन स्तर, जिसे प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय से। तीनों को मिलाकर एक अंक निकाला जाता है, जिससे देशों की तुलना की जाती है।

गरीबी घटाने का सबसे टिकाऊ उपाय क्या माना जाता है?

शिक्षा, क्योंकि वह व्यक्ति की कमाने की क्षमता बढ़ाती है और उसका असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, अगली पीढ़ी तक जाता है। सीधी सहायता तात्कालिक राहत देती है, पर शिक्षा और कौशल स्थायी बदलाव लाते हैं। इसी कारण शिक्षक की भूमिका आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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