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पाँच विकल्प एवं विकल्प E: कब भरें, कब छोड़ें

By ExamAtlas · 29/8/2026

पाँच विकल्प एवं विकल्प E: कब भरें, कब छोड़ें

पाँच विकल्प वाली व्यवस्था इस परीक्षा की सबसे नई बात है और अधिकांश उम्मीदवार इसे केवल एक अतिरिक्त विकल्प समझ लेते हैं। असल में यह एक अलग औज़ार है, जिसका सही उपयोग जानने भर से पत्र आसान हो जाता है।

पाँचों विकल्प क्या हैं

विकल्पअर्थअंक
A, B, C, Dउत्तर के चार विकल्पसही पर +1, गलत पर −1/3
Eप्रश्न नहीं किया0
कोई गोला नहींअनुत्तरित−1/3

यानी E कोई पाँचवाँ उत्तर नहीं है — वह प्रश्न छोड़ने का औपचारिक तरीका है। इसे उत्तर समझकर भर देना उतनी ही बड़ी भूल है जितनी उसे बिलकुल न भरना।

✗ विकल्प E का अर्थ है इनमें से कोई नहीं  |  ✓ E का अर्थ है प्रश्न नहीं किया गया; यह उत्तर नहीं, छोड़ने का तरीका है

तीन स्थितियाँ, तीन निर्णय

  1. उत्तर आता है — A से D में सही विकल्प भरिए। कोई दुविधा नहीं।
  2. उत्तर नहीं आता, पर कुछ विकल्प काट सकते हैं — बचे हुए में से चुनिए, E मत भरिए।
  3. कुछ भी अंदाज़ा नहीं — विकल्प E भरिए। खाली मत छोड़िए।

दूसरी स्थिति सबसे महत्वपूर्ण है और सबसे कम समझी जाती है। एक भी विकल्प काट लेने पर अनुमान लगाना फ़ायदे का सौदा बन जाता है — इसका पूरा गणित अगले विषय में है।

E भरने का व्यावहारिक नियम

  • पत्र के पहले चक्र में केवल वे प्रश्न कीजिए जो तुरंत आते हैं।
  • जिन पर संदेह है, उन्हें निशान लगाकर छोड़ दीजिए और आगे बढ़िए।
  • दूसरे चक्र में उन पर लौटिए और विकल्प काटने की कोशिश कीजिए।
  • अंत में जो बचें, उन सब पर विकल्प E भर दीजिए।
  • पत्र जमा करने से पहले गिनकर देखिए कि कोई गोला खाली तो नहीं।

अंतिम कदम को छोड़िए मत। जल्दबाज़ी में एक-दो गोले खाली रह जाना सामान्य है, और हर खाली गोला एक तिहाई अंक ले जाता है, जबकि उसी पर E भरने से कुछ नहीं जाता।

सोचने का सरल तरीका: E कोई हार नहीं है, वह एक सुरक्षा है। जिस प्रश्न पर आप कुछ नहीं जानते, उस पर E भरकर आप शून्य पर रुक जाते हैं — और अर्हता पत्र में शून्य पर रुक जाना नुकसान से बेहतर है।

TRE संकेत: E उत्तर नहीं, छोड़ने का तरीका है — यह पहले समझ लीजिए। तीन निर्णय याद रखिए: आता है तो भरिए, कुछ काट सकते हैं तो अनुमान लगाइए, कुछ नहीं पता तो E। और अंत में गिनकर जाँचिए कि कोई गोला खाली न रहे — यह एक जाँच अकेले दो-तीन अंक बचा सकती है।

60 सेकंड का रिवीजन

  • A से D उत्तर के विकल्प हैं; E का अर्थ है प्रश्न नहीं किया।
  • E भरने पर शून्य मिलता है, कोई कटौती नहीं होती।
  • गोला खाली छोड़ने पर −1/3 कटता है।
  • उत्तर आता हो तो भरिए; कुछ विकल्प काट सकें तो अनुमान लगाइए।
  • कुछ भी अंदाज़ा न हो तभी विकल्प E भरिए।
  • जमा करने से पहले जाँचिए कि कोई गोला खाली न रह जाए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकल्प E का सही अर्थ क्या है?

इसका अर्थ है कि उम्मीदवार वह प्रश्न नहीं कर रहा। यह इनमें से कोई नहीं जैसा कोई उत्तर नहीं है, बल्कि प्रश्न छोड़ने का औपचारिक तरीका है। इसे उत्तर समझकर भरना उतनी ही बड़ी भूल है जितनी उसे बिलकुल न भरना।

कब E भरना चाहिए और कब अनुमान लगाना चाहिए?

यदि आप एक भी विकल्प निश्चित रूप से काट सकते हैं तो अनुमान लगाइए, क्योंकि तब औसतन लाभ होता है। यदि पाँचों में से कुछ भी छाँटा नहीं जा सकता और प्रश्न बिलकुल अनजान है, तभी E भरिए और आगे बढ़ जाइए।

प्रश्न खाली छोड़ने और E भरने में क्या फ़र्क़ है?

बहुत बड़ा फ़र्क़। खाली गोला छोड़ने पर एक तिहाई अंक कट जाता है, जबकि E भरने पर कुछ नहीं कटता और शून्य मिलता है। तीस प्रश्नों के पत्र में यह अंतर कई अंकों का हो सकता है, जो अर्हता सीमा पर निर्णायक होता है।

पत्र हल करने का क्रम क्या रखें?

पहले चक्र में केवल वे प्रश्न कीजिए जो तुरंत आते हैं। संदेह वाले प्रश्नों पर निशान लगाकर आगे बढ़िए और दूसरे चक्र में उन पर लौटकर विकल्प काटने की कोशिश कीजिए। अंत में बचे हुए सब पर E भरकर पूरा पत्र जाँच लीजिए।

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