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विराम चिह्न एवं वाक्य के भेद

By ExamAtlas · 29/8/2026

विराम चिह्न एवं वाक्य के भेद

यह विषय 1 प्रश्न देता है और हिंदी व्याकरण का अर्हता हिस्सा यहीं पूरा होता है। विराम चिह्नों के नाम और वाक्य के मोटे भेद — दोनों छोटे विषय हैं, इसलिए इन्हें अंत में रखकर एक बार में पढ़ लेना सबसे अच्छा रहता है।

प्रमुख विराम चिह्न

चिह्ननामप्रयोग
।पूर्ण विरामवाक्य समाप्त होने पर
,अल्प विरामथोड़े ठहराव पर
;अर्ध विरामअल्प से अधिक ठहराव पर
?प्रश्नवाचक चिह्नप्रश्न के अंत में
!विस्मयादिबोधक चिह्नहर्ष, शोक या आश्चर्य पर
-योजक चिह्नदो शब्दों को जोड़ने पर

हिंदी की एक विशेषता सीधे पूछी जाती है — वाक्य के अंत में पूर्ण विराम के लिए खड़ी पाई लगती है, अंग्रेज़ी का बिंदु नहीं। यही मानक हिंदी की पहचान है।

✗ हिंदी वाक्य के अंत में बिंदु लगाना शुद्ध है  |  ✓ मानक हिंदी में खड़ी पाई लगती है, बिंदु नहीं

  • योजक चिह्न — माता-पिता, रात-दिन, सुख-दुख।
  • लाघव चिह्न — संक्षिप्त रूप के बाद: डॉ॰, पं॰।
  • उद्धरण चिह्न — किसी के कहे को ज्यों का त्यों लिखने पर।
  • कोष्ठक — अतिरिक्त सूचना देने पर।

रचना के आधार पर वाक्य के भेद

भेदपहचानउदाहरण
सरलएक ही क्रियाराम पत्र लिखता है
संयुक्तऔर, किंतु, इसलिए से जुड़ाराम आया और श्याम गया
मिश्रजो-वह, यदि-तो से जुड़ाजो परिश्रम करता है, वह सफल होता है

पहचान का सबसे सरल तरीका जोड़ने वाला शब्द देखना है। और, किंतु, इसलिए आएँ तो संयुक्त; जो-वह, जब-तब, यदि-तो आएँ तो मिश्र वाक्य है।

अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद

  • विधानवाचक — वह पढ़ता है।
  • निषेधवाचक — वह नहीं पढ़ता।
  • प्रश्नवाचक — क्या वह पढ़ता है?
  • आज्ञावाचक — तुम पढ़ो।
  • विस्मयादिबोधक — वाह, कितना सुंदर दृश्य!

अर्हता स्तर पर इन्हीं पाँच से प्रश्न बनता है। पहचान वाक्य के अंतिम चिह्न और भाव से हो जाती है, इसलिए यह सबसे तेज़ हल होने वाला प्रश्न है।

दोनों वर्गीकरण अलग-अलग हैं — रचना के आधार पर सरल, संयुक्त, मिश्र; और अर्थ के आधार पर विधान, निषेध, प्रश्न, आज्ञा, विस्मय। प्रश्न में यह देखिए कि किस आधार पर पूछा गया है।

TRE संकेत: खड़ी पाई बनाम बिंदु लगभग तय प्रश्न है। योजक और लाघव चिह्न के नाम याद रखिए, क्योंकि नाम ही पूछा जाता है। वाक्य भेद में जोड़ने वाला शब्द देखिए — और से संयुक्त, जो-वह से मिश्र। ध्यान रहे कि प्रश्न रचना के आधार पर पूछा गया है या अर्थ के आधार पर — दोनों वर्गीकरण अलग हैं।

60 सेकंड का रिवीजन

  • हिंदी में पूर्ण विराम के लिए खड़ी पाई लगती है, बिंदु नहीं।
  • योजक चिह्न दो शब्दों को जोड़ता है — माता-पिता, रात-दिन।
  • लाघव चिह्न संक्षिप्त रूप के बाद लगता है — डॉ॰, पं॰।
  • रचना के आधार पर वाक्य सरल, संयुक्त और मिश्र होते हैं।
  • और, किंतु, इसलिए से संयुक्त; जो-वह, यदि-तो से मिश्र वाक्य।
  • अर्थ के आधार पर विधान, निषेध, प्रश्न, आज्ञा और विस्मयादिबोधक।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिंदी में पूर्ण विराम का चिह्न क्या है?

खड़ी पाई, यानी एक सीधी खड़ी रेखा। अंग्रेज़ी का बिंदु मानक हिंदी में पूर्ण विराम के लिए स्वीकार नहीं किया जाता, यद्यपि आजकल लिखने में उसका प्रयोग बढ़ गया है। परीक्षा मानक रूप ही सही मानती है।

संयुक्त और मिश्र वाक्य कैसे पहचानें?

जोड़ने वाले शब्द से। और, किंतु, परंतु और इसलिए आएँ तो वाक्य संयुक्त है, क्योंकि दोनों हिस्से अलग करके भी पूरे रहते हैं। जो-वह, जब-तब और यदि-तो आएँ तो मिश्र है, क्योंकि एक हिस्सा अकेला अधूरा रहता है।

योजक और लाघव चिह्न में क्या अंतर है?

योजक चिह्न दो शब्दों को जोड़ता है और छोटी रेखा जैसा दिखता है, जैसे माता-पिता और रात-दिन। लाघव चिह्न किसी संक्षिप्त रूप के बाद लगता है और छोटे वृत्त जैसा होता है, जैसे डॉ॰ और पं॰।

वाक्य के दोनों वर्गीकरण अलग कैसे हैं?

रचना के आधार पर वाक्य सरल, संयुक्त और मिश्र होते हैं, और यह बनावट पर निर्भर करता है। अर्थ के आधार पर वे विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक और विस्मयादिबोधक होते हैं, और यह भाव पर निर्भर करता है।

अगला कदम: अर्हता पत्र केवल पास करना है, पर पास करना ज़रूरी है। इस अध्याय को ExamAtlas के BPSC TRE 4.0 मॉक टेस्ट में परखिए — पाँच विकल्प, −1/3 ऋणात्मक अंकन, अर्हता स्तर।

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